सुबह की ठंडी हवा में तिरंगे की हल्की-हल्की सरसराहट थी। गाँव के स्कूल के मैदान में बच्चे कतारबद्ध खड़े थे। आज 26 जनवरी थी—गणतंत्र दिवस। हर साल की तरह इस साल भी ध्वजारोहण होना था, लेकिन इस बार कुछ अलग ह
रमेश एक छोटे से गाँव में रहने वाला साधारण युवक था। उसके सपने बड़े थे, लेकिन हालात बेहद सीमित। पिता किसान थे और आमदनी इतनी कम कि घर का खर्च मुश्किल से चलता। रमेश पढ़ाई में अच्छा था, फिर भी परिस्थितियों
रमेश एक छोटे से गाँव का रहने वाला था। उसका परिवार बहुत गरीब था। पिता खेतों में मजदूरी करते थे और माँ दूसरों के घरों में बर्तन माँजती थीं। रमेश पढ़ना चाहता था, लेकिन हालात हर दिन उसे पढ़ाई से दूर ले जा
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